इंग्लैंड टीम के ऑलराउंडर और पूर्व कप्तान बेन स्टोक्स ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से सन्यास लेने के बाद पहली बार खुलकर अपनी भावनाएं साझा की। स्टोक्स ने कहा कि लगातार कप्तानी, मैदान के भीतर और बाहर की ज़िम्मेदारियों तथा मानसिक दबाव ने जीवन पर गहरा असर डाला। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें अपने फैसले पर कोई पछतावा नहीं है।
पिछले कुछ वर्षों मे टीम का निर्यत्व करना उनके लिए बहुत सम्मान की बात थी, लेकिन इसकी बड़ी कीमत भी चुकानी पड़ी। उनका कहना है कि लगातार दबाव के कारण निजी कारणो निजी जीवन और मानसिक संतुलन पर असर पड़ा।अब वह अपने परिवार, स्वस्थ और भविष्य पर ध्यान देना चाहते है।
अपने करियर के दौरान बेन स्टोक्स मे इंग्लैंड को कई एतिहासिक जीत दिलाई। 2019 विश्व कप फाइनल मे उनकी शानदार पारी और टेस्ट क्रिकेट मे आक्रामक कप्तानी याद रखी जाएंगी। उन्होंने कहा कि इंग्लैंड टीम के साथ बिताया हर पल उनके लिए खास रहेगा और वह अपने साथियों पर गर्व महसूस करते है।
स्टोक्स के इस बयान के बाद क्रिकेट जगत से उन्हें शुभकामनाएं मिल रही है। कई पूर्व खिलाड़ियों और प्रशंसकों ने उनके योगदान के याद करते हुए उन्हें आधुनिक दौर के सबसे प्रभावशाली ऑलराउंडरों मे से एक बताया है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि इंग्लैंड की टीम उनकी जगह किस खिलाड़ी को जिम्मेदारी सौंपती है।
