इंग्लैंड ने भारत के खिलाफ खेले गए पांचवें और अंतिम टी20 मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए 56 रन से जीत दर्ज की और पांच मैचों की टी20 सीरीज 4-0 से अपने नाम कर ली। मेजबान टीम ने बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में बेहतरीन खेल दिखाया, जबकि भारतीय टीम पूरे मैच में दबाव से बाहर नहीं निकल सकी।
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत बेहद आक्रामक रही। जोस बटलर ने भारतीय गेंदबाजों की जमकर खबर लेते हुए केवल 61 गेंदों में 131 रनों की विस्फोटक पारी खेली। उनकी पारी में कई चौके और लंबे छक्के शामिल रहे। बटलर को हैरी ब्रूक का भी शानदार साथ मिला, जिन्होंने नाबाद 95 रन बनाए। दोनों बल्लेबाजों की साझेदारी के दम पर इंग्लैंड ने निर्धारित 20 ओवर में 3 विकेट खोकर 257 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया।
258 रनों के मुश्किल लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। शुरुआती विकेट जल्दी गिरने के बाद ईशान किशन और तिलक वर्मा ने पारी को संभालने की कोशिश की। दोनों बल्लेबाजों ने अर्धशतक जरूर लगाए, लेकिन बढ़ते रन रेट के दबाव में भारत लगातार विकेट गंवाता रहा। अंततः भारतीय टीम 20 ओवर में 201 रन ही बना सकी और मुकाबला 56 रन से हार गई।
इस जीत के साथ इंग्लैंड ने टी20 सीरीज पर 4-0 से कब्जा जमा लिया। पूरी सीरीज में इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने लगातार आक्रामक क्रिकेट खेली, जबकि गेंदबाजों ने भी अहम मौकों पर विकेट निकालकर भारत को वापसी का मौका नहीं दिया। दूसरी ओर भारतीय टीम को बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग तीनों विभागों में सुधार की जरूरत महसूस हुई।
सीरीज के दौरान जोस बटलर शानदार फॉर्म में नजर आए और अंतिम मैच में उनकी 131 रनों की पारी इस दौरे की सबसे यादगार पारियों में शामिल हो गई। वहीं भारत के लिए ईशान किशन और तिलक वर्मा का प्रदर्शन सकारात्मक रहा, लेकिन टीम को जीत दिलाने के लिए वह पर्याप्त साबित नहीं हुआ।
अब दोनों टीमें आगामी मुकाबलों की तैयारियों में जुटेंगी। भारतीय टीम इस हार से सबक लेकर अपनी कमजोरियों को दूर करना चाहेगी, जबकि इंग्लैंड अपनी शानदार लय को आगे भी बरकरार रखने की कोशिश करेगा। यह सीरीज मेजबान टीम के दबदबे और आक्रामक क्रिकेट का बेहतरीन उदाहरण बनकर याद रखी जाएगी।
