टी20 सीरीज मे 4-0 से निराशाजनक हार के बाद भारतीय टीम की नजरें इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज पर टिकी है। टी20 मुकाबलो मे बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभाग उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सके , लेकिन वनडे क्रिकेट का प्रारूप अलग और टीम इंडिया के पास वापसी करने का अच्छा मौका होगा।
भारतीय टीम के लिए सबसे बड़ी चुनौती शुरुआती ओवरों मे मजबूत शुरुआत करना होगी। पिछले कुछ मैचों मे टॉप ऑर्डर लगातार दबाव मे नजर आया, जिसका असर पूरे बल्लेबाजी क्रम पर पड़ा। वनडे मे बल्लेबाजी को लंबी पारी खेलने का समय मिलते है, इसलिए अनुभवी खिलाड़ियों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी।
गेंदबाजी विभाग को अपनी रणनीति में सुधार करना होगा।टी20 सीरीज मे भारतीय गेंदबाज नियमित अंतराल पर विकेट लेने मे सफल नही रहे। जिससे इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने बड़े स्कोर खड़े किए। वनडे मे नई गेंद के साथ शुरुआती विकेट और बीच के ओवरों मे रन गति पर नियंत्रण टीम इंडिया की सफलता की कुंजी हो सकती है।
दूसरी और इंग्लैंड की टीम टी20 सीरीज जीतने के साथ पूरे आत्मविश्वास के साथ मैदान पर उतरेगी। उनकी बल्लेबाजी शानदार लय मे है और गेंदबाजी भी लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे है। ऐसे मे भारतीय टीम को हर विभाग मे अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा।
वनडे प्रारूप मे भारत का रिकॉर्ड हमेशा मजबूत रहा है। टीम के कई खिलाड़ी इस फॉर्मेट मे शानदार औसत रखते है और बड़े मैचों का अनुभव भी उनके पास है। यही अनुभव इंग्लैंड के खिलाफ वापसी की सबसे बड़ी उम्मीद मना जा रहा है।
क्रिकेट प्रशंसकों की नजर अब इस बात पर होगी। कि टीम इंडिया टी20 सीरीज की हार को पीछे छोड़कर वनडे सीरीज मे दमदार प्रदर्शन कर पाएंगी। यदि बल्लेबाज जिम्मेदारी निभाते है और गेंदबाजी सही लाइन लेंथ के साथ उतरते है, तो भारत के पास सीरीज मे शानदार वापसी करने का पूरा मौका रहेगा।
अब सभी की निगाहें पहले वनडे पर होगी, जहां टीम इंडिया जीत के साथ हुई शुरुआत करने और टी20 सीरीज की निराशा को भुलाने के इरादे से मैदान पर उतरेगी।
